सोने से पहले की दुआ
بِسْمِكَ اللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا
Bismika Allahumma amutu wa ahya.
ऐ अल्लाह! मैं तेरे नाम के साथ सोता (मरता) हूँ और जागता (जीता) हूँ।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 6312, सहीह मुस्लिम 2711
بِسْمِكَ اللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا
Bismika Allahumma amutu wa ahya.
ऐ अल्लाह! मैं तेरे नाम के साथ सोता (मरता) हूँ और जागता (जीता) हूँ।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 6312, सहीह मुस्लिम 2711
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَحْيَانَا بَعْدَ مَا أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ النُّشُورُ
Alhamdu lillahi-lladhi ahyana ba'da ma amatana wa ilayhin-nushur.
सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें मौत (नींद) के बाद जिंदगी दी, और उसी की तरफ लौट कर जाना है।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 6312, सहीह मुस्लिम 2711
بِسْمِ اللَّهِ وَلَجْنَا، وَبِسْمِ اللَّهِ خَرَجْنَا، وَعَلَى رَبِّنَا تَوَكَّلْنَا
Bismillahi walajna, wa bismillahi kharajna, wa 'ala Rabbina tawakkalna.
अल्लाह के नाम के साथ हम दाखिल हुए और अल्लाह के नाम के साथ हम बाहर निकले, और हमने अपने रब पर भरोसा किया।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 5096
بِسْمِ اللَّهِ، تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ، وَلاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ
Bismillahi, tawakkaltu 'alallah, wa la hawla wa la quwwata illa billah.
अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया; अल्लाह की मदद के बिना न गुनाह से बचने की ताकत है और न नेकी करने की कुव्वत।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 5095, जामि अत-तिर्मिज़ी 3426
بِسْمِ اللَّهِ
Bismillah.
अल्लाह के नाम से (शुरू करता हूँ)।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 3767, जामि अत-तिर्मिज़ी 1858
بِسْمِ اللَّهِ فِي أَوَّلِهِ وَآخِرِهِ
Bismillahi fi awwalihi wa akhirih.
अल्लाह के नाम से इसके शुरू और आखिर में।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 3767, जामि अत-तिर्मिज़ी 1858
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَجَعَلَنَا مُسْلِمِينَ
Alhamdu lillahilladhi at'amana wa saqana wa ja'alana muslimeen.
सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें खिलाया, पिलाया और हमें मुसलमान बनाया।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 3850, जामि अत-तिर्मिज़ी 3457
ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
Dhahaba adh-dhama'u wabtallatil-'urooqu wa thabatal-ajru in sha' Allah.
प्याास बुझ गई, रगें तर हो गईं और इंशाअल्लाह अज्र (सवाब) पक्का हो गया।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 2357
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْخُبُثِ وَالْخَبَائِثِ
Allahumma inni a'udhu bika minal-khubuthi wal-khaba'ith.
ऐ अल्लाह! मैं खबीस नर और मादा शैतानों से तेरी पनाह चाहता हूँ।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 142, सहीह मुस्लिम 375
غُفْرَانَكَ
Ghufranak.
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे मगफिरत (माफी) मांगता हूँ।
संदर्भ: जामि अत-तिर्मिज़ी 7, सुनन अबू दाऊद 30
اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ
Allahummaptah li abwaba rahmatik.
ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाजे खोल दे।
संदर्भ: सहीह मुस्लिम 713
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ
Allahumma inni as'aluka min fadlik.
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरा फज़्ल मांगता हूँ।
संदर्भ: सहीह मुस्लिम 713
بِسْمِ اللَّهِ
Bismillah.
अल्लाह के नाम से (शुरू करता हूँ)।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 101, सुनन इब्न माजा 397
أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ، اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ التَّوَّابِينَ وَاجْعَلْنِي مِنَ الْمُتَطَهِّرِينَ
Ash-hadu an la ilaha illallahu wahdahu la sharika lahu wa ash-hadu anna Muhammadan 'abduhu wa rasuluh. Allahummaj-'alni minat-tawwabeena waj-'alni minal-mutatahhireen.
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद उसके बंदे और रसूल हैं। ऐ अल्लाह! मुझे तौबा करने वालों और पाकीज़ा रहने वालों में बना दे।
संदर्भ: सहीह मुस्लिम 234, जामि अत-तिर्मिज़ी 55
رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا
Rabbi-rhamhuma kama rabbayani sagheera.
ऐ मेरे रब! उन दोनों (वालिदैन) पर रहम फरमा जैसा कि उन्होंने बचपन में मुझे पाला-पोसा है।
संदर्भ: क़ुरआन 17:24
اللَّهُمَّ صَيِّبًا نَافِعًا
Allahumma sayyiban nafi'a.
ऐ अल्लाह! इस बारिश को नफा देने वाली बना दे।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 1032
اللَّهُمَّ لاَ سَهْلَ إِلاَّ مَا جَعَلْتَهُ سَهْلاً، وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ إِذَا شِئْتَ سَهْلاً
Allahumma la sahla illa ma ja'altahu sahla, wa anta taj'alul-hazna idha shi'ta sahla.
ऐ अल्लाह! कोई काम आसान नहीं मगर वही जिसे तू आसान कर दे, और तू जब चाहता है मुश्किल को आसान कर देता है।
संदर्भ: सहीह इब्न हिब्बान 974
رَبِّ زِدْنِي عِلْمًا
Rabbi zidni 'ilma.
ऐ मेरे रब! मेरे इल्म में इज़ाफा फरमा (ज्ञान बढ़ा)।
संदर्भ: क़ुरआन 20:114
سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُونَ
Subhanalladhi sakhkhara lana hadha wa ma kunna lahu muqrineen, wa inna ila Rabbina lamunqaliboon.
पाक है वह ज़ात जिसने इसे हमारे काबू में कर दिया, वरना हम इसे काबू में करने वाले न थे, और बेशक हम अपने रब ही की तरफ लौटने वाले हैं।
संदर्भ: क़ुरआन 43:13-14, सहीह मुस्लिम 1342
اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ كَسَوْتَنِيهِ، أَسْأَلُكَ مِنْ خَيْرِهِ وَخَيْرِ مَا صُنِعَ لَهُ، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهِ وَشَرِّ مَا صُنِعَ لَهُ
Allahumma lakal-hamdu Anta kasawtanihi, as'aluka min khayrihi wa khayri ma suni'a lahu, wa a'udhu bika min sharrihi wa sharri ma suni'a lahu.
ऐ अल्लाह! सब तारीफें तेरे लिए हैं, तूने ही मुझे यह पहनाया है। मैं तुझसे इसकी भलाई और जिस मकसद के लिए यह बना है उसकी भलाई मांगता हूँ, और इसके शर और जिस मकसद के लिए यह बना है उसके शर से पनाह मांगता हूँ।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 4020, जामि अत-तिर्मिज़ी 1767
أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ
A'udhu billahi minash-shaytanir-rajeem.
मैं मर्दूद शैतान से अल्लाह की पनाह मांगता हूँ।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 6115, सहीह मुस्लिम 2610
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ
Allahummaghfir lahu warhamhu wa 'afihi wa'fu 'anhu.
ऐ अल्लाह! उसकी मगफिरत फरमा, उस पर रहम कर, उसे आफियात दे और उसकी गलतियों को माफ फरमा।
संदर्भ: सहीह मुस्लिम 963
أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ
A'udhu billahi wa qudratihi min sharri ma ajidu wa uhadhir.
मैं अल्लाह की और उसकी कुदरत की पनाह मांगता हूँ उस दर्द की बुराई से जो मैं महसूस कर रहा हूँ और जिससे डरता हूँ।
संदर्भ: सहीह मुस्लिम 2202
أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ الَّذِي لاَ إِلَهَ إِلاَّ هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ
Astaghfirullahal-ladhi la ilaha illa Huwal-Hayyul-Qayyumu wa atubu ilayh.
मैं अल्लाह से माफी मांगता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो जिंदा है, सब कुछ संभालने वाला है, और मैं उसी की तरफ तौबा करता हूँ।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 1517, जामि अत-तिर्मिज़ी 3577
لاَ بَأْسَ طَهُورٌ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
La ba'sa, tahoorun in sha' Allah.
कोई बात नहीं, इंशाअल्लाह यह बीमारी गुनाहों से पाकीज़गी का जरिया है।
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 3616
संदर्भ: सहीह अल-बुखारी 6224
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَتَوَفَّنَا مُسْلِمِينَ
Rabbana afrigh 'alayna sabran wa tawaffana muslimeen.
ऐ हमारे रब! हम पर सब्र उंडेल दे और हमें इस्लाम की हालत में मौत दे।
संदर्भ: क़ुरआन 7:126
جَزَاكَ اللَّهُ خَيْرًا
Jazakallahu khayran.
अल्लाह तुम्हें बेहतरीन बदला दे।
संदर्भ: जामि अत-तिर्मिज़ी 2035
اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي
Allahumma innaka 'afuwwun tuhibbul-'afwa fa'fu 'anni.
ऐ अल्लाह! तू बहुत माफ करने वाला है, माफी को पसंद करता है, इसलिए मुझे माफ फरमा दे।
संदर्भ: जामि अत-तिर्मिज़ी 3513, सुनन इब्न माजा 3850
بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لاَ يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الأَرْضِ وَلاَ فِي السَّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
Bismillahi-lladhi la yadurru ma'as-mihi shay'un fil-ardi wa la fis-sama'i wa Huwas-Sami'ul-'Aleem.
अल्लाह के नाम से जिसके नाम की बरकत से ज़मीन व आसमान में कोई चीज़ नुकसान नहीं पहुँचा सकती, और वह सुनने वाला और जानने वाला है।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 5088, जामि अत-तिर्मिज़ी 3388
اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي بَدَنِي، اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي سَمْعِي، اللَّهُمَّ عَافِنِي فِي بَصَرِي، لاَ إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ
Allahumma 'afini fi badani, Allahumma 'afini fi sam'i, Allahumma 'afini fi basari, la ilaha illa Ant.
ऐ अल्लाह! मेरे बदन में आफियात (सेहत) दे, ऐ अल्लाह! मेरे कान में आफियात दे, ऐ अल्लाह! मेरी आँख में आफियात दे, तेरे सिवा कोई माबूद नहीं।
संदर्भ: सुनन अबू दाऊद 5090