بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
पढ़ें शब्द-दर-शब्द
وَٱلشَّمۡسِ wal-shamsi क़सम है सूरज की وَضُحَىٰهَا waḍuḥāhā और उसकी धूप की
wal-shamsi waḍuḥāhā
सूरज की क़सम! तथा उसके ऊपर चढ़ने के समय की क़सम!
وَٱلۡقَمَرِ wal-qamari और चाँद की إِذَا idhā जब تَلَىٰهَا talāhā वो उसके पीछे आऐ
wal-qamari idhā talāhā
तथा चाँद की (क़सम), जब वह सूरज के पीछे आए।
وَٱلنَّهَارِ wal-nahāri और दिन की إِذَا idhā जब جَلَّىٰهَا jallāhā वो ज़ाहिर करे उसे
wal-nahāri idhā jallāhā
और दिन की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को प्रकट कर दे!
وَٱلَّيۡلِ wa-al-layli और रात की إِذَا idhā जब يَغۡشَىٰهَا yaghshāhā वो ढाँप ले उसे
wa-al-layli idhā yaghshāhā
और रात की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को ढाँप ले।
وَٱلسَّمَآءِ wal-samāi और आसमान की وَمَا wamā और उसकी بَنَىٰهَا banāhā जिसने बनाया उसे
wal-samāi wamā banāhā
और आकाश की तथा उसके निर्माण की (क़सम)।
وَٱلۡأَرۡضِ wal-arḍi और ज़मीन की وَمَا wamā और उसकी طَحَىٰهَا ṭaḥāhā जिसने बिछाया उसे
wal-arḍi wamā ṭaḥāhā
और धरती की तथा उसे बिछाने की (क़सम!)
وَنَفۡسٖ wanafsin और नफ़्स की وَمَا wamā और उसकी سَوَّىٰهَا sawwāhā जिसने दुरुस्त किया उसे
wanafsin wamā sawwāhā
और आत्मा की तथा उसके ठीक-ठाक बनाने की (क़सम)।
فَأَلۡهَمَهَا fa-alhamahā पस उसने इलहाम की उसे فُجُورَهَا fujūrahā बदी उसकी وَتَقۡوَىٰهَا wataqwāhā और तक़्वा उसका
fa-alhamahā fujūrahā wataqwāhā
फिर उसके दिल में उसकी बुराई और उसकी परहेज़गारी (की समझ) डाल दी।
قَدۡ qad यक़ीनन أَفۡلَحَ aflaḥa वो फ़लाह पा गया مَن man जिसने زَكَّىٰهَا zakkāhā पाक किया उसे
qad aflaḥa man zakkāhā
निश्चय वह सफल हो गया, जिसने उसे पवित्र कर लिया।
وَقَدۡ waqad और यक़ीनन خَابَ khāba वो नाकाम हुआ مَن man जिसने دَسَّىٰهَا dassāhā दबा दिया उसे
waqad khāba man dassāhā
तथा निश्चय वह विफल हो गया, जिसने उसे (पापों में) दबा दिया।
كَذَّبَتۡ kadhabat झुठलाया ثَمُودُ thamūdu समूद ने بِطَغۡوَىٰهَآ biṭaghwāhā बवजह अपनी सरकशी के
kadhabat thamūdu biṭaghwāhā
समूद (की जाति) ने अपनी सरकशी के कारण झुठलाया।
إِذِ idhi जब ٱنۢبَعَثَ inbaʿatha उठा أَشۡقَىٰهَا ashqāhā सबसे बड़ा बदबख़्त उसका
idhi inbaʿatha ashqāhā
जब उसका सबसे दुष्ट व्यक्ति उठ खड़ा हुआ।
فَقَالَ faqāla तो कहा لَهُمۡ lahum उन्हें رَسُولُ rasūlu (the) Messenger ٱللَّهِ l-lahi अल्लाह के रसूल ने نَاقَةَ nāqata ऊँटनी है ٱللَّهِ l-lahi अल्लाह की وَسُقۡيَٰهَا wasuq'yāhā और पानी पिलाना है उसे
faqāla lahum rasūlu l-lahi nāqata l-lahi wasuq'yāhā
तो अल्लाह के रसूल ने उनसे कहा : अल्लाह की ऊँटनी और उसके पीने की बारी का ध्यान रखो।
فَكَذَّبُوهُ fakadhabūhu तो उन्होंने झुठला दिया उसे فَعَقَرُوهَا faʿaqarūhā फिर कूँचें काट दीं उसकी فَدَمۡدَمَ fadamdama तो हलाकत डाली عَلَيۡهِمۡ ʿalayhim उन पर رَبُّهُم rabbuhum उनके रब ने بِذَنۢبِهِمۡ bidhanbihim बवजह उनके गुनाहों के فَسَوَّىٰهَا fasawwāhā फिर उसने बराबर कर दिया उसे
fakadhabūhu faʿaqarūhā fadamdama ʿalayhim rabbuhum bidhanbihim fasawwāhā
परंतु उन्होंने उसे झुठलाया और उस (ऊँटनी) की कूँचें काट दीं, तो उनके पालनहार ने उनके गुनाह के कारण उन्हें पीस कर विनष्ट कर दिया और उन्हें मटियामेट कर दिया।
وَلَا walā और नहीं يَخَافُ yakhāfu वो डरता عُقۡبَٰهَا ʿuq'bāhā उसके अंजाम से
walā yakhāfu ʿuq'bāhā
और वह उसके परिणाम से नहीं डरता।
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