तुम्हारा साथी न तो रास्ते से भटका है और न ही गलत रास्ते पर चला है।
53:3
wamā yanṭiqu ʿani l-hawā
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है।
53:4
in huwa illā waḥyun yūḥā
वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।
53:5
ʿallamahu shadīdu l-quwā
उसे बहुत मज़ूबत शक्तियों वाले (फ़रिश्ते) ने सिखाया है।
53:6
dhū mirratin fa-is'tawā
जो बड़ा बलशाली है। फिर वह बुलंद हुआ (अपने असली रूप में प्रकट हुआ)।
53:7
wahuwa bil-ufuqi l-aʿlā
जबकि वह आकाश के सबसे ऊँचे क्षितिज (पूर्वी किनारे) पर था।
53:8
thumma danā fatadallā
फिर वह निकट हुआ और उतर आया।
53:9
fakāna qāba qawsayni aw adnā
फिर वह दो धनुषों की दूरी पर था, या उससे भी निकट।
53:10
fa-awḥā ilā ʿabdihi mā awḥā
फिर उसने अल्लाह के बंदे की ओर वह़्य की, जो भी वह़्य की।
53:11
mā kadhaba l-fuādu mā raā
दिल ने झूठ नहीं बोला, जो कुछ उसने देखा।
53:12
afatumārūnahu ʿalā mā yarā
फिर क्या तुम उससे उसपर झगड़ते हो, जो वह देखता है?
53:13
walaqad raāhu nazlatan ukh'rā
हालाँकि, निश्चित रूप से उसने उसे एक और बार उतरते हुए भी देखा है।
53:14
ʿinda sid'rati l-muntahā
सिदरतुल-मुनतहा' के पास।
53:15
ʿindahā jannatu l-mawā
उसी के पास 'जन्नतुल मावा' (शाश्वत स्वर्ग) है।
53:16
idh yaghshā l-sid'rata mā yaghshā
जब सिदरा पर छा रहा था, जो कुछ छा रहा था।
53:17
mā zāgha l-baṣaru wamā ṭaghā
न निगाह इधर-उधर हुई और न सीमा से आगे बढ़ी।
53:18
laqad raā min āyāti rabbihi l-kub'rā
निःसंदेह उसने अपने पालनहार की कुछ बहुत बड़ी निशानियाँ देखीं।
53:19
afara-aytumu l-lāta wal-ʿuzā
फिर क्या तुमने लात और उज़्ज़ा को देखा।
53:20
wamanata l-thālithata l-ukh'rā
तथा तीसरी एक और (मूर्ति) मनात को?
53:21
alakumu l-dhakaru walahu l-unthā
क्या तुम्हारे लिए पुत्र हैं और उस (अल्लाह) के लिए पुत्रियाँ?
53:22
til'ka idhan qis'matun ḍīzā
तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।
53:23
in hiya illā asmāon sammaytumūhā antum waābāukum mā anzala l-lahu bihā min sul'ṭānin in yattabiʿūna illā l-ẓana wamā tahwā l-anfusu walaqad jāahum min rabbihimu l-hudā
ये (मूर्तियाँ) कुछ नामों के सिवा कुछ भी नहीं हैं, जो तुमने तथा तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं। अल्लाह ने इनका कोई प्रमाण नहीं उतारा है। ये लोग केवल अटकल के और उन चीज़ों के पीछे चल रहे हैं जो उनके दिल चाहते हैं। जबकि निःसंदेह उनके पास उनके पालनहार की ओर से मार्गदर्शन आ चुका है।
53:24
am lil'insāni mā tamannā
क्या मनुष्य को वह मिल जाएगा, जिसकी वह कामना करे?
53:25
falillahi l-ākhiratu wal-ūlā
(नहीं, ऐसा नहीं है) क्योंकि आख़िरत और दुनिया अल्लाह ही के अधिकार में है।
53:26
wakam min malakin fī l-samāwāti lā tugh'nī shafāʿatuhum shayan illā min baʿdi an yadhana l-lahu liman yashāu wayarḍā
और आकाशों में कितने ही फ़रिश्ते हैं कि उनकी सिफ़ारिश कुछ लाभ नहीं देती, परंतु इसके पश्चात कि अल्लाह अनुमति दे जिसके लिए चाहे तथा (जिसे) पसंद करे।
अतः आप उससे मुँह फेर लें, जिसने हमारी नसीहत से मुँह मोड़ लिया और जिसने दुनिया के जीवन के सिवा कुछ नहीं चाहा।
53:30
dhālika mablaghuhum mina l-ʿil'mi inna rabbaka huwa aʿlamu biman ḍalla ʿan sabīlihi wahuwa aʿlamu bimani ih'tadā
यही उनके ज्ञान की सीमा है। निश्चित रूप से आपका पालनहार ही उसे अधिक जानने वाला है, जो उसके मार्ग से भटक गया और वही उसे भी ज़्यादा जानने वाला है, जो सीधे मार्ग पर चला।